रांची : सदर थाना प्रभारी बदल तो गए लेकिन नए थानेदार के आने के बावजूद डूमरदगा स्थित बाल सुधार गृह का हालात नहीं बदला है। बाल सुधार गृह अपराधियों का अड्डा बन गया है।हाल के दिनों में बाल सुधार गृह में जांच के क्रम में गांजा चरस बाल जप्त की गई है। मामला सामने आने के बाद सदर थानेदार जांच के नाम पर बाल सुधार ग्रह का चक्कर तो लगाते हैं लेकिन 2 दिन बाद यह मामला जांच के नाम फ़ाइल खुलती ही नहीं हैं।
ताजा मामला डूमरदगा स्थित सुधार गृह का है। यहां पर आज मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है और परिवार वाले कई संगीन आरोप लगा रहे हैं। बच्चों के परिजन बाल सुधार गृह पहुंचे और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
महिला ने बताया कि बाल सुधार गृह से बाहर निकले एक बच्चे ने उन्हें बताया कि वे उनके बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है। अपने बच्चे को बाहर निकाल लीजिए, नहीं तो कभी भी उसके साथ कुछ भी हो सकता है। महिला का इल्जाम है कि मारकर उसके बच्चे के पेट में अल्सर कर दिया गया है। उसके शौच में खून आ रहा है।
बाल सुधार गृह में खुलेआम चरस, गांजा, भांग और शराब का बच्चे सेवन करते हैं। उसके बाद बेकसूर बच्चों को बेरहमी से मारते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थानेदार श्याम किशोर महतो समेत कई पुलिसकर्मी पदाधिकारी बाल सुधार पहुंचे और मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
हालांकि इस मामले को लेकर सदर थाना प्रभारी बोलने से बच रहे हैं और जांच के नाम पर लीपापोती करने का प्रयास कर रहे हैं। आखिर सवाल यह है कि पुलिस इन अपराधियों को गिरफ्तार क्यों नहीं करती है। आखिर बच्चे को बाल सुधार गृह में कब तक मारपीट किया जाता रहेगा।