
रांची – झारखंड के लगभग 8 हजार से ज्यादा वकीलों के लाइसेंस पर खतरा मं यक्षडरा रहा है. वहीं रांची के लगभग 1150 वकीलों के लाइसेंस पर भी तलवार लटक रही है. दरअसल झारखंड स्टेट बार काउंसिल और जिला बार एसोसिएशन के बार-बार आग्रह करने के बाद भी हजारों वकीलों ने अपना वेरिफिकेशन फॉर्म नहीं भरा है. वेरिफिकेशन फॉर्म नहीं भरने वाले वकीलों को प्रैक्टिस के काबिल नहीं माना जाता है. झारखंड स्टेट बार काउंसिल के प्रवक्ता और रांची जिला बार एसोसिएशन के महसचिव संजय विद्रोही के मुताबिक काउंसिल ने सभी जिला बार एसोसिएशन को पत्राचार कर यह सूची देने का निर्देश दिया है कि कितने अधिवक्ता रेगुलर प्रेक्टिशनर हैं और कितने अधिवक्ताओं ने वेरिफिकेशन फॉर्म भर दिया है.
इसके साथ ही काउंसिल ने यह भी निर्देश दिया है कि एसोसिएशन ऐसे वकीलों की सूची भी काउंसिल को सौंपे, जिन्होंने रूल 40 का फॉर्म नहीं भरा है. रूल 40 का फॉर्म नहीं भरने वाले वकीलों का नाम भी वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होगा और न ही बार एसोसिएशन से उन्हें किसी तरह की सुविधा नहीं मिलती है. काउंसिल के निर्देश के बाद जिला बार एसोसिएशन अपने अधिवक्ताओं से लगातार यह आग्रह कर रहा है कि वे वेरिफिकेशन फॉर्म जमा कर दें, ताकि वकीलों के लिए काउंसिल और जिला बार एसोसिएशन द्वारा चलाई जा रही वेलफेयर की योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके.