सिल्ली : सिल्ली- मुरी क्षेत्र में विजयादशमी को लेकर सभी जगह मां दुर्गा की आराधना में लोग लीन थे। बंगाली समुदाय के लिए आज के दिन का एक अलग ही महत्व है। सिल्ली-मुरी में सुहागिन महिलाएं सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर मां को सिंदूर लगाकर सिंदूर खेला में शामिल हुई।
पारंपरिक लाल पाड़ वाली सफेद रंग की साड़ी में सजी-धज्जी महिलाओं ने पहले मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया। फिर एक दूसरे को सिंदूर लगाकर ‘सिंदूर खेला’ का रस्म निभाई । रस्म के दौरान महिलाओं ने एक-एक कर मां दुर्गा की आरती की और अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना की, सुहागिन महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाकर मां से सुहागन रहने की कामना की। ए टाईप दुर्गा पंडाल,बी टाईप दुर्गा पंडाल, वैष्णो देवी दुर्गा मंदिर, जन जागरण दुर्गा पूजा समिति मुरी सहित अन्य मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई। मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा 10 दिन के लिए अपने मायके आती हैं, जिसे दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है और जब वह वापस जाती हैं तो उनकी विदाई में उनके सम्मान में सिंदूर खेला की रस्म की जाती है।