लोहरदगा : भाकपा (माओ0) संगठन के सब-जोनल कमाण्डर विष्णुदयाल नगेशिया और एरिया कमाण्डर आकाश नगेशिया उर्फ समेश्वर नगेशिया ने आज उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो, पुलिस अधीक्षक प्रियंका मीणा, सीआरपीएफ कमाण्डेंट प्रभात कुमार ईंदवार (बटालियन-158) और पुलिस उपाधीक्षक (अभियान),पुलिस उपाधीक्षक परमेश्वर प्रसाद के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
दोनों नक्सलियों को इस मौके पर समर्पण के बाद तुरंत दिया जाने वाले 1-1 लाख रूपया भी प्रदान किया गया। शेष दी जाने वाली दो लाख रूपये की राशि दो बराबर किश्तों में भुगतान की जायेगी। इस मौके पर दोनों नक्सलियों के परिजन मौजूद थे।
दोनों नक्सलियों को अन्य लाभ दिलाये जाने के लिए उपायुक्त द्वारा जिला कल्याण पदाधिकारी को नक्सलियों को पुनर्वास के लिए जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक जल्द बुलाये जाने का निदेश दिया गया।
इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए बनाई गई नीति नई दिशा के तहत आज दो नक्सलियों ने आत्मपसमर्पण किया है। दोनों नक्सलियों ने सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर यह कदम उठाने की सोची जिसके लिए दोनों प्रशंसा के पात्र हैं। दोनों को नई दिशा नीति के तहत वे सभी सुविधाएं मिलेंगी जिसके वे हकदार हैं।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि झारखण्ड सरकार ने राज्य को नक्सल मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए झारखण्ड पुलिस सभी नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई में लगातार प्रयत्नशील है और इस दिशा में पुलिस को निरंतर सफलताएं भी मिल रही हैं।
राज्य को नक्सल मुक्त कराने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण नीति नई दिशा भी नक्सली संगठनों के काफी लोकप्रिय होती जा रही है। परिणाम स्वरूप भाकपा (माओ) सहित अन्य कई प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। सरकार की इस नीति की सफलता से झारखण्ड पुलिस उत्साहित हैं तथा झारखण्ड को नक्सल मुक्त राज्य बनाने को कृतसंकल्प है।
पुलिस अधीक्षक प्रियंका मीना ने बताया कि दोनों के विरूद्ध दर्ज सभी काण्डों में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों/उग्रवादियों के लिए पुलिस अपनी ओर से सभी लाभ दिलाये जाने का प्रयास करेगी।