रांची : आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन सिंह को सोमवार को विदाइ दी गयी. वर्तमान में राजीव रंजन सिंह जैप-1 के डीआईजी पर तैनात थे. जैप-1 स्थित टीकू हॉल में आयोजित विदाई समारोह में विदाई दी गयी. जैप-1 में उनके सम्मान में गार्ड ऑफ आर्नर दिया गया. इस मौके पर जैप के कई वरीय पुलिस अधिकारी मौजूद थे. संयुक्त बिहार में डीएसपी के पद पर बहाल राजीव रंजन सिंह बिहार झारखंड के महत्वपूर्ण स्थानों पर अपनी बेहतर प्रदर्शन से राजीव रंजन सिंह ने विभाग में बेहतर छवि कायम की। अलग राज्य बनने के बाद झारखंड में आए इसके बाद वर्ष 2006 में इन्हें आइपीएस में प्रोन्नति मिली। रांची में ट्रैफिक एसपी, सिमडेगा, गोड्डा व पाकुड़ में एसपी रहे. उसके बाद कोल्हान बनाया गया. वर्तमान में जैप के डीआइजी थे। यहीं से सेवानिवृत्त भी हुए.
इन योजनाओं की रांची ट्रैफिक एसपी रहते की थी शुरुवात –
ट्रैफिक पुलिस द्वारा घायल व्यक्ति को तत्काल इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गोल्डेन आवर सिस्टम की शुरुआत वर्ष 2014 के फरवरी में की गयी थी. इस कार्यक्रम से सभी निजी अस्पतालों व एंबुलेंस को जोड़ा गया था. कार्यक्रम से जुड़े अस्पतालों कि जिम्मेदारी घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने की थी. अभियान की शुरुआत तत्कालीन ट्रैफिक एसपी राजीव रंजन सिंह की पहल पर हुई थी. सिस्टम के तहत कुछ दिनों तक घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन मॉनीटरिंग के अभाव में यह सिस्टम भी फेल हो गयी.
– तत्कालीन ट्रैफिक एसपी राजीव रंजन सिंह ने जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अपर बाजार समेत कुछ सड़कों को वन-वे किया था. इसके लिए ट्रैफिक सिपाहियों की तैनाती भी की गयी थी. लेकिन, यह व्यवस्था धीरे-धीरे फेल हो गयी. अपर बाजार में तैनात सिपाहियों को हटा लिया गया.