रांची : झारखंड सचिवालय में भी कोरोना की धमक पहुंच गयी है। ग्रामीण विकास विभाग केअंतर्गत मनरेगा सेल में दो कर्मी कोरोना से पीड़ित पाये गये। उनका रिजल्ट सोमवार को पॉजिटिव पाया गया। मनरेगा कर्मियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद मनरेगा सेल में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तत्काल सारे कर्मियों को कोरोना टेस्ट कराने का निर्देश दिया। 4 बजे तक कोरोना टेस्ट के लिए टीम भी सचिवालय पहुंच गयी। मनरेगा सेल के कर्मियों के संक्रमित होने के बाद पूरे एफएफपी भवन में भी हड़कंप मचा हुआ है।
ग्रामीण विकास विभाग, आरइओ,पंचायती राज विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों में भी डर बैठा हुआ है। वहीं,प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में भी कोरोना ने दस्तक दी है। कई कर्मी वहां भी संक्रमित मिल रहे हैं,अचानक छुट्टी लेने के आवेदन भी विभाग में बढ़ गये हैं। सोमवार को इसको लेकर कामकाज भी प्रभावित हो गया। अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाले आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक के नतीजे पर नजर गड़ाये हुए थे।
पिछले साल 600 से अधिक अधिकारी-कर्मी हुए थे संक्रमित
साल 2021 की कोरोना के दूसरे लहर में सचिवालय में 600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गये थे। कई बड़े अधिकारियों का निधन भी इस बीमारी के चलते हुए थे। कुछ तो ऐसे भी जो अभी तक इस महामारी के निकलने के बाद भी इसके साइड इफेक्ट परेशान हैं। ऐसे में कोरोना की इस संभावित तीसरी लहर से ये अधिकारी-कर्मचारी सर्वाधिक डरे हुए हें।
50 प्रतिशत क्षमता में हुआ था काम
कोरोना की दूसरी लहर आते ही सचिवालय सहित सभी संलग्न कार्यालयों में 50 फीसदी क्षमता के साथ काम हुआ था। कार्मिक विभाग ने कर्मियों का रोस्टर बांटा था। सचिवालय में अधिकारी व कर्मियों के स्तर के अनुसार उपस्थिति सुनिश्चित करायी गयी थी। वहीं बॉयोमेट्रिक हाजिरी पर भी रोक लगा दी गयी थी। इस बार भी कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए अधिकांश कर्मी अंदर ही अंदर सरकार से आधे से कम क्षमता में काम करने के आदेश जारी करने की आस लगाये हुए हैं,बायोमेट्रिक की जगह मैनअुल हाजिरी लगाने की मांग कर रहे हैं।