
रांची: देश में एक ओर जहां दिनों दिन हो रहे सड़क दुर्घटना अथवा गंभीर बीमारीयों के ऑपरेशन में रक्त की कमी के कारण लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है वहीं दूसरी ओर पंचकुला चंडीगढ़ के रक्तविर रणदीप बता ने रिकॉर्ड 150वीं बार रक्त दान कर ऐसे जरूरत मंद लोगों की जान बचाने में अपना अहम योगदान देने का प्रयास किया है।

लोग नए साल के आगमन पर, अपने जन्मदिन या शादी की सालगिरह पर साधारणतः केक काटते हैं अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ पार्टी करते हैं, मौज मस्ती करते हैं। पर रणदीप बत्ता इस दिन रक्त दान करके जरूरतमंद लोगों के रगों में अपना रक्त भरने का काम करते हैं।

1जनवरी 2023 को इन्होंने साईं बाबा के धाम सिरडी में जब अपना 150वीं बार रक्तदान करने पहुंचे तो खुद सी.ई.ओ. उन्हें रिसीव करने पहुंच गए। उन्होंने उन्हें वीआईपी की तरह विशेष व्यवस्था के साथ लाया गया। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि आश्चर्य है की कोई रक्तदान करके भी वीआईपी बन सकता है। उन्होंने देश के लगभग सभी राज्यों में रक्तदान करने का गौरव हासिल किया है।