राँची- सूखे की जमीनी हकीकत जानने के लिए कृषि विभाग ने नया फार्मूला अपनाया है। इसके तहत जिले के हर सूखाग्रस्त ब्लॉक के कम से कम 10 फीसदी गांव में भ्रमण करना है। हर गांव के कम से कम 5 अलग-अलग लोकेशन का जियो टैगिंग वाला फोटो अपलोड करना है। इसका फर्क भी देखने को मिल रहा है। कृषि निदेशक निशा उरांव ने पलामू और गढ़वा जिले का दौरा कर इसी फार्मूले के तहत सूखे का आकलन किया। इस दौरान दोनों जिलों के सूखा प्रभावित प्रखंड में रैंडम बेसिस पर 10 गांवों में से 5 साइट की जमीनी सच्चाई जानी गई।