रांची : झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा ने नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और क्राइम की समीक्षा की। भविष्य की रणनीति को लेकर पुलिस और पुलिस के पदाधिकारियों के साथ उन्होंने चर्चा की। बैठक के बाद डीजीपी नीरज सिन्हा ने कहा कि जो जवान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं उन्हें क्या कठिनाइयां हो रही है, उसे जानने समझने की कोशिश की जा रही है। बेहतर तरीके से काम हो सके इसके लिए क्या सुधार किया जा सकता है इस पर भी मंथन किया गया। यहां जो पुलिस कैंप संचालित हो रहे हैं उनमें क्या सुधार करने की जरूरत है, इसे समझा जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा एक बड़ी चुनौती है। इसे बेहतर बनाने पर विचार हो रहा है।
डीजीपी इन बिंदुओं पर की समीक्षा :
1, पीएलजीए सप्ताह के दौरान वामपंथी उग्रवाद परिदृश्य की समीक्षा और चल रहे अभियान की समीक्षा।
2, उग्रवादियों की चल/अचल संपत्तियों की जप्ती के प्रस्तावों की स्थिति की समीक्षा।
3, फरार नक्सली कमांडरों के खिलाफ इनाम घोषणा के प्रस्तावों की स्थिति की समीक्षा।
4, मॉब लिंचिंग के मामलों की प्रगति और वतर्मान स्थिति की समीक्षा।
5, सावर्जनिक संपत्ति अधिनियम के मामलों में प्रगति और क्षति की वतर्मान स्थिति की समीक्षा।
6, तीन वर्ष पांच वर्ष और दस वर्ष से अधिक अवधि से लंबित मामलों की समीक्षा।
7, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन-जाति अधिनियम के लंबित मामलों की समीक्षा।
बैठक में पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड ने राज्य के सभी पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि उनके क्षेत्रों में सभी प्रकार के अवैध कारोबार को रोकना सुनिश्चित करें तथा उसमें संलिप्त अपराधियों के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। उन्होंने नक्सलियों के विरूद्ध चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों में आ रही कठिनाईयों के संबंध में जानकारी लेते हुये उसके तत्काल निवारण तथा झारखण्ड पुलिस द्वारा चलाये जा रहे कल्याणकारी कार्य के संदर्भ में भी दिशा-निर्देश दिये।
इस बैठक में सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों, क्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षकों यथा-पलामू क्षेत्र, राँची क्षेत्र, कोल्हान क्षेत्र, हजारीबाग क्षेत्र, बोकारो क्षेत्र तथा दुमका क्षेत्र के स्तर से झारखण्ड राज्य में नक्सल एवं आपराधिक गतिविधियों तथा उसपर जिला स्तर पर किये जा रहे कायर्वाही के संबंध में जानकारी दी गई। महानिदेशक सह पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड के द्वारा इस बैठक में प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों, सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षकों तथा विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष दिशा-निर्देश दिये गये।