
हिन्दुस्तानी जहां भी हो, दूसरे हिंदुस्तानी से हिन्दी भाषा के जरिए ही अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करता है. अपने मन की बात अगर किसी भाषा में सहजता से की जा सकती है तो वो हिंदी ही है. देश भर के हर स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय में हिंदी दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 14 सितबंर का दिन भारतवासीयों के लिए गर्व का दिन है. ये पूरे देश को एक रखने वाली भाषा हिंदी का दिन है. सांस्कृतिक विविधताओं से भरे देश भारत में हिंदी दिवस के दिन की अहमियत बहुत ज्यादा है. भारत के विभिन्न क्षेत्रो में लोगों का खान-पान, रहन-सहन, वेश-भूषा, शारीरिक गठन, यहां तक की विचारधारा भी अलग-अलग प्रकार की है। भारत के विभिन्न भागों में अलग-अलग धर्म हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, पारसी तथा जैन धर्म के अनुयायी रहते हैं.
क्यों मनाया जाता है हिन्दी दिवस
आजादी मिलने के दो साल बाद 14 सितबंर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया था. इस निर्णय के बाद हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर 1953 से पूरे भारत में 14 सितंबर को हर साल हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. 14 सितंबर 1953 को पहली बार देश में हिंदी दिवस मनाया गया.




हिन्दी दिवस के खास मौके पर नेताओं ने टिव्ट कर दी शुभकामनाएं
इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने ट्वीट शुभकामनाएं दी हैं. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें हिंदी आकर्षित करती है. उन्होंने आज सुबह ट्वीट कर कहा,‘हिन्दी ने विश्वभर में भारत को एक विशिष्ट सम्मान दिलाया है. इसकी सरलता, सहजता और संवेदनशीलता हमेशा आकर्षित करती है. हिन्दी दिवस पर मैं उन सभी लोगों का हृदय से अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने इसे समृद्ध और सशक्त बनाने में अपना अथक योगदान दिया है.