
लोहरदागा: बांग्लादेशी घुसपैठिए संथाल परगना सहित पूरे झारखंड में आदिवासी समाज के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुके हैं.झारखंड के संथाल परगना में अवैध बांग्लादेश घुसपैठिया ने यहां रह रहे आदिवासी समाज का डेमोग्राफी बदल दिया है.पश्चिम बंगाल के रास्ते से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों झारखंड में प्रवेश कर रहे हैं.झारखंड हाई कोर्ट ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित करने का आदेश दिया है बांग्लादेशी घुसपैठिया झारखंड में आकर यहां के भोले भाले आदिवासी लड़कियों को लव जिहाद के माध्यम से फंसा कर अवैध रूप से शादी कर रहे हैं और उसके बाद उसकी जमीन कब्जा कर लाखों बांग्लादेशियों को बसाने का काम कर रहे हैं यह काम लोहरदगा जिला में भी बड़ी तेजी से हो रहा है बांग्लादेशी घुसपैठिया अवैध रूप से झारखंड में आकर अलग-अलग जिलों में योजनाबद्ध तरीके से बसाई जा रहे हैं इतना ही नहीं इनका फर्जी आधार कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र भी बनाया जा रहा है झारखंड सरकार वोट बैंक के लिए बांग्लादेशियों को संरक्षण देने का काम कर रही है. इसका खुलासा लोहरदगा जिला में 2020 के हुए दंगे के दौरान प्रशासन के रिपोर्ट में भी हो चुका है. लोहरदगा जिला की जितनी आबादी है उससे अधिक यहां आधार कार्ड बन गए हैं जो बतलाता है कि लोहरदगा जिला में भी हजारों बांग्लादेशी घुसपैठियों अवैध रूप से रह रहे हैं झारखंड मेआदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद यहां के आदिवासी महिलाओं एवं लड़कियों पर अत्याचार एवं शोषण हो रहा है और उसकी जमीन छीनी जा रही है, अब आदिवासी समाज के नौजवान संथाल परगना सहित पूरे झारखंड में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों भागने के लिए अपने कमर कस लिए हैं, झारखंड सरकार SIT का गठन कर इस मामले की जांच करें. इसकी मांग भारतीय जनता पार्टी नेता अनिल उरांव ने झारखंड सरकार से की है.