
मामला लोहरदगा सदर अस्पताल का है, जहां ग्राम चैनपुर पोस्ट पेशरार निवासी गोविंद तुरी की पुत्री नीतू कुमारी, जो गर्भवती थीं, जिनको खून की चढ़ाने की बहुत जरूरी पड़ गई लेकिन ब्लड मिलना मुश्किल सी हो गई । इस दौरान होमगार्ड जवान काजल महली ने तुरंत विनय उरांव से संपर्क कर मदद की अपील की। सूचना मिलते ही बिना देर किए विनय उरांव सदर अस्पताल पहुंचे और एक यूनिट रक्तदान कर महिला के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनका यह मानवीय कार्य दर्शाता है कि यदि हम सभी थोड़ी सी मानवता दिखाएं, तो कई जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं।
“रक्तदान सबसे बड़ा दान है, और यदि हमारे रक्त से किसी की जान बचती है, तो इससे बड़ी खुशी और कुछ नहीं हो सकती।”