रांची के धुर्वा स्थित जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में अब खेलमंत्री हफीजुल हसन और शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ‘खेलकूद’ नहीं कर पायेंगे। दोनों मंत्रियों के स्टेडियम में प्रवेश पर जेएससीए ने बैन लगाने का नीतिगत निर्णय ले लिया है। जेएससीए ने यह निर्णय इन दोनों मंत्रियों की ‘हरकतों’ से नाराज होकर लिया है। गौरतलब है कि 1 मई को जेएससीए स्टेडियम में आयोजित वार्षिक आमसभा AGM के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया और सजा के बिंदु पर निर्णय लेने के लिए नवनिर्वाचित कमेटी ऑफ मैनेजमेंट को अधिकृत किया गया है।
पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने बगैर किसी का नाम लिए इस मुद्दे को उठाया और कहा कि रांची में 19 नवंबर, 2021 को आयोजित भारत बनाम न्यूजीलैंड के मैच के दौरान दो स्वयंभू बड़े लोगों द्वारा जेएससीए के तत्कालीन ज्वाइंट सेक्रेटरी राजीव बघान के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। दुर्व्यवहार पर कड़े निर्णय की वकालत करते हुए अमिताभ चौधरी ने कहा कि व्यक्ति कितना ही बड़ा शख्सियत क्यों ना हो उसके ऊपर कार्रवाई होनी ही चाहिए। अमिताभ चौधरी ने 2012 में वानखेड़े स्टेडियम में शाहरूख खान पर बैन लगाने के निर्णय का दृष्टांत दिया और मुंबई क्रिकेट संघ द्वारा लिए गए निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए उसे मंच से पढ़कर भी सुनाया। उसके बाद आम सभा ने सर्वसम्मति से दो विशिष्ट लोगों के जेएससीए स्टेडियम में प्रवेश पर रोक लगाने पर मुहर लगा दी, लेकिन सजा के बिंदु पर निर्णय लेने के लिए कमेटी ऑफ मैनेजमेंट को अधिकृत कर दिया। जाहिर-सी बात है कि वे दो विशिष्ट लोग खेल मंत्री हाफिज उल हसन और शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ही हैं।

क्या हुआ था भारत-न्यूजीलैंड मैच में?
पिछले साल 19 नवंबर को जेएससीए स्टेडियम में भारत-न्यूजीलैंड के बीच टी-20 मैच खेला गया था। इस मैच में प्रेजिडेंट इनक्लोजर VVIP बॉक्स में बैठने के बावजूद शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और खेल मंत्री हफीजुल हसन बेचैन नजर आये। मनमाफिक सीट नहीं दिये जाने को लेकर दोनों ने जेएससीए अधिकारियों को खूब खरी-खोटी भी सुनायी। JSCA स्टाफ उन्हें समझाते रहे कि यहां से बेस्ट व्यूज मिलता है, पर दोनों मंत्रियों ने सीटिंग स्टाइल को खराब बताया। उनका कहना था कि मंत्री होने के नाते उनके हिसाब से उनके लिए विशिष्ट प्रोटोकॉल अपनाया जाना चाहिए था।