
रविवार की शाम जेएफटीए मिनी सभागार में झारखंड फिल्म एंड थियेटर एकेडमी के छात्रों ने हिंदी नाटक खजाना का मंचन किया।

राजीव सिन्हा के लेखन और निर्देशन में इस नाटक में अभिनय करने वाले कलाकारों में शामिल थे अंकिता प्रजापति, अमलेश कुमार, अशोक महतो, राकेश कुमार, आदित्य गुप्ता, अहमद सालेश फारूकी और प्रतिभा प्रजापति।

नाटक में लॉक डाउन के आफ्टर इफेक्ट की कहानी प्रस्तुत की गई है, किसन गांव का एक युवक लॉक डाउन में शहर छोड़ कर गांव वापिस आ गया है, और अब बेरोजगार है, अक्सर किसन को उसके ही खेतों में गड़े खजाने का सपना आता है, उसकी पत्नी सीमा और बेटी गोलू को उसके इस सपने से बहुत परेशानी है। किसन अपने दोस्त वीर से उधार लेकर अपना खर्चा चला रहा है, इसी दौरान किसन को उसके साले के द्वारा बाबा भैरो नाथ का पता चलता है, जो उसे अपने खेतों में खेती करने की सलाह देते है, वो बताते हैं कि इसके बाद ही खजाने का पता चलेगा।

इसी क्रम में किसन मेहनत करता है और फसल उगाता है। तब बाबा उसे खजाने का राज बताते हैं कि यही फसल तुम्हारे खेत में गड़ा हुआ खजाना है।