
मईयां सम्मान योजना के तहत 57 लाख महिलाएं पंजीकृत हैं जिन्हें सरकार हर महीने ₹2500 की सहायता राशि भेज रही है। हाल ही में महिलाओं के खाते में योजना की तीन किस्त यानि कुल 7500 रुपए की राशि एक साथ भेजी गई है जिसका लाभ 38 लाख महिलाओं को दिया गया है। शेष 18 लाख महिलाओं के आवेदन होल्ड पर होने के कारण इन्हें 6वीं, 7वीं और 8वीं किस्त की राशि प्राप्त नहीं हो पाई है। लेकिन इन महिलाओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
झारखंड सरकार द्वारा महिलाओं के लिए भौतिक सत्यापन और डीबीटी चालू करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं, अतः जो महिलाएं भौतिक सत्यापन करवा लेंगी उन्हें अप्रैल माह में छठवीं, सातवीं, आठवीं और नवी किस्त एक साथ प्रदान कर दी जाएगी जिससे महिलाओं को कुल ₹10000 की धनराशि एक साथ प्राप्त होगी।
इस दिन जारी होगी 9वीं किस्त
मईयां सम्मान योजना की 9वीं किस्त 5 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच महिलाओं के खाते में पहुंच सकती है क्योंकि हर महीने 10 तारीख के आस-पास ही सरकार द्वारा सहायता राशि जारी की जाती है। यह राशि योजना के तहत पंजीकृत 57 लाख महिलाओं को प्राप्त होगी। टाइम्स न्यूज रांची। इसमें 38 लाख महिलाओं को ₹2500 प्राप्त होंगे क्योंकि इन महिलाओं को छठवीं, सातवीं और आठवीं किस्त की राशि 8 मार्च 2025 को मिल चुकी है। वहीं शेष 18 लाख महिलाओं को कुल ₹10000 की राशि दी जाएगी, क्योंकि इन महिलाओं को छठवीं, सातवीं और आठवीं किस्त के पैसे नहीं मिले हैं।
अब तक महिलाओं को 8 किस्तें प्राप्त हो चुकी है लेकिन 18 लाख महिलाएं ऐसी है जो छठवीं, सातवीं और आठवीं किस्त के लाभ से वंचित रह गई हैं। इसका कारण यह है कि सरकार इन महिलाओं के आवेदनों की पुनः जांच कर रही थी और इसलिए इनके आवेदन होल्ड पर रखे गए थे। अब इन महिलाओं को भौतिक सत्यापन करने के लिए आमंत्रित किया गया है तो जो महिलाएं फिजिकल वेरिफिकेशन करवा लेंगी, उन्हें सरकार अप्रैल माह में 9वीं किस्त के साथ शेष किस्तों का लाभ भी प्रदान करेगी।
मैया सम्मान के लिए करें यह काम
मईयां सम्मान योजना के तहत 9वीं किस्त की राशि सफलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए महिलाओं को खाते में डीबीटी एक्टिव करवाना होगा। लगभग 5 लाख महिलाएं ऐसी है जिनके खाते में डीबीटी चालू नहीं है। इसलिए इन महिलाओं को समय पर किस्तों का लाभ नहीं मिल पाया। यदि महिलाएं 9वीं किस्त के साथ पिछली किस्तों का लाभ पाना चाहती हैं, तो उन्हें डीबीटी चालू करवाना होगा। इसी के साथ जिन महिलाओं का भौतिक सत्यापन नहीं हुआ है, उन्हें जल्द अपना फिजिकल वेरीफिकेशन करवा कर योजना का लाभ लेने के लिए एलिजिबल बनना होगा।