सिल्ली : आजसू पार्टी प्रधान कार्यालय के समीप स्थित आम बगान में रविवार को आजसू द्वारा विधानसभा स्तरीय पंचायत एवं ग्राम प्रभारियों का बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिप सदस्य गौतम कृष्ण साहू एवं संचालन प्रखंड प्रमुख जितेन्द्र बड़ाइक ने किया ।
इस मौके सुदेश कुमार महतो ने कहा कि हमें सिल्ली विधानसभा एवं झारखंड की विरासत को बचाए रखने के लिए संघर्ष करना होगा। विधानसभा को संवारने के लिए पार्टी ने पढ़ेगा सिल्ली बढ़ेगा सिल्ली, खेलो सिल्ली एवं हर घर नंल जल योजना समेत तीन संकल्प को पूरा करने के लिए चुनौतियां स्वीकार करते हुए राजनीति में सभी कार्यकर्ताओं को अपनी भूमिका और जगह सुनिश्चित करनी होगी। आजसू पार्टी के साथ झारखंड आंदोलन का इतिहास जुड़ा है। राजनीति में उतार-चढ़ाव आती रहती हैं, लेकिन हमारी पहचान और वजूद कायम है। आने वाले समय में परिदृश्य बदलने का संकल्प लेकर हमें बढ़ते रहना है। उन्होंने प्रभारियों को गांव में चुल्हा प्रमुखों के साथ मिलकर ग्रास रूट तक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर क्षेत्र के लिए कार्य करने एवं प्रदेश के विषय में गांव मे मुखर होकर संवाद करने की बात कही। वहीं उन्होंने कार्यकर्ताओं को एक महिने के अंदर ग्राम प्रभारी एवं चुल्हा प्रमुखों का पुनर्गठन करने का निर्देश दिया।
इस बैठक में केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, सुनील सिंह, संजय सिद्धार्थ, सुशील महतो, शिव शंकर प्रसाद, बालेंदु भूषण महतो, रंग बहादुर महतो, अनिल मांझी, शिवशंकर प्रसाद, भीम सिंह मुंडा, संदीप रजवार, शंकर मुंडा, सुमरा विद्या आदि ने भी प्रभारियों को संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व जिप उपाध्यक्ष चितरंजन महतो, गौतम सिंह देव, रामस्वरूप मंडल, श्रीधर महतो, लाल सिंह मुंडा, गौतम सिंह देव, अशोक महतो महावीर महतो, अजय महतो समेत विधानसभा क्षेत्र के सभी पंचायत प्रभारी एवं ग्राम प्रभारी उपस्थित थे।
हर मोर्चे पर असफल रही है सरकार उन्होंने स्थानियता , रोजगार समेत विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार की आलोचना की।उन्होंने सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए कहा कि चुनावों में झामुमो और कांग्रेस ने जितने वादे किए, वे सिर्फ धोखे साबित हुए हैं। हर बर्ष 5 लाख रोजगार की चुनावी घोषणा कोरी साबित हुआ
स्थानीय नीति ही नियोजन नीति का आधार बने
उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति के आधार पर ही नियोजन नीति बने। राज्य सरकार को इस विषय पर गंभीर होना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य में पहने स्थानीय नीति बने फिर स्थानीय नीति आधारित नियोजन नीति की बात हो। उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति ही नियोजित नीति का आधार बने।