मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बढ़ा ईडी की जांच का दायरा, कई मंत्री व अधिकारी फसेंगे, जानें- किन-किन की मांगी है रिपोर्ट

रांची: झारखंड में ईडी हेराफेरी से जुड़े मामले में जांच का दायरा बढ़ा दिया है. ऐसे में कई आईएएस, आईपीएस और मंत्री की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं. दावा किया गया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हाथ कई ऐसे दस्तावेज लगे हैं, जिससे कई लोगों के भ्रष्टाचार की पोल खुल सकती है. ईडी ने शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो तथा उनके पीए पवन कुमार, विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, पूर्व आईएएस केके खंडेलवाल, दिलीप झा, गिरिडीह एसपी अमित रेणू और गिरिडीह एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह, साहिबगंज डीएमओ विभूति कुमार, समेत कुछ कारोबारियों की जानकारी राज्य पुलिस मुख्यालय से मांगी है. ईडी के पत्राचार के बाद हरकत में आयी पुलिस मुख्यालय ने सीआईडी से संबंधित लोगों पर दर्ज केस, आरोप पत्र व शिकायत का ब्योरा मांगा है. पुलिस मुख्यालय से रिपोर्ट जब ईडी को मिलेगी, तभी आगे की कार्रवाई ईडी द्वारा की जायेगी. ईडी को शिकायत मिली है कि शिक्षा मंत्री व उनके पीए ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है. वहीं गिरिडीह के एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह धनशोधन की गतिविधियों में सुदिव्य के साथ लिप्त हैं. कई जगह पर संपत्ति खरीदी है. कोयला क्षेत्र में धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार के खिलाफ ईडी को शिकायत मिली थी. गिरिडीह के एसपी अमित रेणू पर पद का दुरूपयोग करते हुए अपने व अपने परिजनों के नाम पर संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है.

कई लोगों की बढ़ सकती है मुश्किलें

ईडी के पत्राचार के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सीआइडी ने सभी जिलों के एसएसपी-एसपी को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है. सीआइडी ने लिखा है कि पत्रों में जिनपर आरोप हैं, उनके विरुद्ध अगर कोई प्राथमिकी, चार्जशीट, कांड या वाद हो तो उससे संबंधित कागजात अपराध अनुसंधान विभाग को उपलब्ध कराएं. जिले से रिपोर्ट मिलने के बाद सीआईडी पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेगी. पुलिस मुख्यालय ईडी को रिपोर्ट भेजेगी. ऐसे में कई लोगों की मुश्किले बढ़ सकती है. कोयला के अवैध कारोबार को लेकर कई मामले की जांच सीबीआई और सीआईडी कर रही है. कई अधिकारी जांच के दायरे में है.

ब्रह्मडीहा कोल ब्लॉक से 2 करोड़ के कोयला चोरी मामले की भी होगी जांच

झारखंड के गिरिडीह जिले में बंद पड़े ब्रह्मडीहा कोल ब्लॉक से करीब दो करोड़ के दो हजार टन कोयला की चोरी मामले की जांच की तैयारी में ईडी जुटी है. इस मामले को ईडी टेकओवर कर सकती है. राज्य में बड़े पैमाने पर कोल ब्लॉक से अवैध रूप से कोयला चोरों पर अब ईडी की नजर है. ब्रह्मडीहा कोल ब्लॉक से दो हजार टन कोयला चोरी मामले में कई सफेदपोश ईडी के रडार पर है. गौरतलब हो कि बंद पड़े ब्रह्मडीहा कोल ब्लॉक से फरवरी 2020 में खुद को सीबीआई का अधिकारी बता चार लोग कोल ब्लॉक पहुंचे. फर्जी कागजात दिखाकर जब्त कोयले की बिक्री संबंधी बात कर तकरीबन दो हजार टन कोयला स्टॉक से चोरी कर ली. घटना की जानकारी मिलने पर आनन फानन में गिरिडीह मुफस्सिल थाने में अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

0 Shares:
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like