रांची : सिल्ली कॉलेज सिल्ली के समीप भाषा अधिकार आंदोलन की एक आवश्यक बैठक रखी गई। बैठक में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रो रतन लाल महतो ने कहा कि हमारी लड़ाई 1932 का खतियान लागू करने के लेकर है बाहरी भाषा को राज्य से बाहर निकालना होगा। सरकार ने 1932 खतियान लागू नहीं कर हम युवाओं को रोजगार से वंचित करने पर तुली हुई है उन्होंने कहा कि पहले माटी है, तब पार्टी है।
21 साल बीतने के बाद भी खतियान आधारित नीति को सरकार लागू नहीं कर रही है। जब तक खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू नही होता आंदोलन जारी रहेगा। सरकार को हर हाल में बाहरी भाषा को बाहर करना होगा। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 22 फरवरी को मशाल जुलूस निकालने तथा 23 फरवरी को आक्रोश रैली निकाला जाएगा। इस कार्यक्रम में भाषा एवं संस्कृति को बचाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के समर्थक उपस्थित रहने की अपील की गई । बैठक में आसपास से काफी संख्या में लोग उपस्थित हुए।