बच्चों से दूर रहकर मां दुर्गा का आराधना कर रही महिला सहायक पुलिस कर्मी, बोली – माँ का आशीर्वाद ही सबकुछ है!

रांची : मोहराबादी मैदान में राज्य के विभिन्न जिलों से आए महिला सहायक पुलिस कर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलनरत है। एक ओर जहां दुर्गा पूजा को लेकर पूरे भारतवर्ष में दुर्गा पूजा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है तो वहीं एक हज़ार से अधिक महिला सहायक पुलिस कर्मी अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रही है। मोहराबादी मैदान में एक सौ से अधिक महिला सहायक पुलिस कर्मी हैं जो नवरात्रि का पर्व कर रहे हैं। नवरात्रि कर रहे महिला सहायक पुलिस कर्मी अपने बाल बच्चे को घर पर छोड़ कर मोराबादी मैदान के खुले आसमान के नीचे मां दुर्गा का आराधना कर रही है।

महिला सहायक पुलिस कर्मी ने बताया कि मां का आशीर्वाद ही सब कुछ है और उनके आशीर्वाद के सहारे ही हम लोगों को अनिश्चितकालीन आंदोलन करने की शक्ति प्राप्त हो रही है। महिला सहायक पुलिसकर्मी ने बताया कि हम लोग यहां 15 दिनों से अधिक आंदलोनरत हैं लेकिन सरकार की ओर से कोई मंत्री व विधायक मिलने नहीं आया है। नवरात्रि कर रहे महिला सहायक पुलिसकर्मी ने बताया कि यहां पर बाथरूम से लेकर स्वच्छ पानी पीने तक की व्यवस्था नहीं की गई है। लेकिन हम सभी महिला सहायक पुलिसकर्मी मां दुर्गा का आराधना इसी हालात में कर रहे हैं और उनका आशीर्वाद हम लोगों को प्राप्त हो रहा है।

आपको बता दें कि नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सल गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 2500 सहायक पुलिस कर्मी की बहाली की गई थी। इन सभी पुलिसकर्मियों को आश्वासन दिया गया था कि तीन साल कंप्लीट हो जाने के बाद जिला पुलिस में समायोजित कर दिया जाएगा।

केस 1–सिमडेगा जिले से आए महिला सहायक पुलिस कर्मी गीता कुमारी ने बताया कि हमारे 1 बच्चे हैं और उसकी उम्र महज 4 साल है। उस बच्चे को छोड़कर मोहराबादी मैदान में अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। गीता कुमारी ने बताया कि हमारे घर में पति के अलावा कोई नहीं है और पति मजदूरी का काम करते हैं। तो इस हालात में बच्चे को संभालना मुश्किल का काम होता है लेकिन अपनी मांगों को लेकर बच्चे को छोड़कर मोराबादी मैदान में बैठे हुए हैं वहीं दुर्गा पूजा को लेकर बताई की हम लोग मां दुर्गे का आराधना यहीं से कर रहे हैं और अपने 4 साल के बेटे को काफी मिस कर रहे हैं।

केस 2– गढ़वा जिले से आए महिला सहायक पुलिस कर्मी रिंकू कुमारी ने बताया कि हमारे दो बच्चे हैं। दोनों बच्चों को घर पर ही छोड़ कर आए हैं। उस घर पर एक बुजुर्ग सास है जो खुद से दो वक्त का खाना बनाने में असमर्थ हैं। उस हालात में उस बच्चे को हमारी सास संभाल रही है। ताकि हम अपनी आवाज को बुलंद कर सकें। नवरात्रि को लेकर बताया कि घर में आर्थिक हालात सही नहीं है लेकिन मां दुर्गा का आराधना हम लोग मोहराबादी मैदान से ही कर रहे हैं।

केस 3– पलामू जिला से आए महिला सहायक पुलिस कर्मी प्रियंका कुमारी ने बताया कि हमारे दो बच्चे हैं। बच्चे को पड़ोसी के यहां छोड़ कर आए हैं। दोनों बच्चे की उम्र 4 साल और 2 साल है। हमारे घर पर बच्चे की देखभाल करने वाला अपने कोई नहीं है लेकिन अपनी आवाज को बुलंद करने की खातिर मोहराबादी मैदान में डटे हुए हैं।

वहीं नवरात्रि को लेकर बताया कि हम लोग यहीं से मां दुर्गा का आराधना कर रहे हैं और कल अष्टमी को धूमधाम से मोहराबादी मैदान में मनाएंगेकेस 4– खूंटी जिला से आई महिला सहायक पुलिसकर्मी पिंकी देवी ने बताया कि हमारे दो बच्चे हैं। बच्चे की रखवाली करने की जिम्मेवारी बूढ़े ससुर को दी गई है। पिंकी देवी ने बताया कि दस हज़ार में घर का खर्चा नहीं चल पा रहा है। लेकिन दस हज़ार की खातिर एक जिले से दूसरे जिले में जाकर नौकरी करने को हम लोग मजबूर हैं। पिंकी कुमारी ने बताया कि दुर्गा पूजा का त्यौहार है लेकिन हमारे घर में दुर्गा पूजा को लेकर कोई भी हर्षोल्लास नहीं है। पिंकी कुमारी ने बताया कि मां दुर्गा का आराधना हम लोग फास्टिंग कर मोराबादी मैदान से ही कर रहे हैं। आशा है कि मां दुर्गा हमारी मनोकामना को पूर्ण करेंगे

केस 5– सिमडेगा जिले से आए बबली देवी ने बताया कि हमारे 1 बच्चे हैं। उस बच्चे का देखभाल हमारे पति गांव में रहकर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पतिदेव के बिना किसी त्यौहार को कैसे मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि हम लोग फास्टिंग कर मां दुर्गा का आराधना कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि जल्द ही हमारी मनोकामना पूर्ण होगी।

केस 6– खूंटी जिले से आए रिंकी देवी ने बताया कि हमारे दो बच्चे हैं। दोनों बच्चों को छोड़कर मोहराबादी मैदान में आंदोलन कर रहे हैं। दोनों बच्चों की देखभाल हमारे देवर कर रहे हैं। वहीं हमारे पति रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे जिले में हैं।

केस 7– गढ़वा जिले से आए सोनाली देवी ने बताया कि हमारे दो बच्चे है।सभी बच्चे को घर पर ही छोड़ कर यहां पर आए हैं। बच्चे की देखभाल सास ससुर और पति कर रहे हैं। लेकिन परिवार वालों के बिना दुर्गा पूजा का त्यौहार एकदम फीखा जैसा लग रहा है। सोनाली देवी ने बताया कि हमारी मांगों को सरकार जल्द सुने और अनिश्चितकालीन आंदोलन को खत्म करने में सहायता करें।

केस 8–लोहरदगा जिले से आए सुशीला देवी ने बताया कि हमारे 1 बच्चे हैं। उन बच्चों को घर पर छोड़ कर नवरात्रि यहां कर रहे हैं। सुशीला देवी ने बताया कि हमारे पति बेरोजगार हैं और इतने कम पैसे में घर चला पाना बहुत ही मुश्किल हो पा रहा है। सुशीला देवी ने बताया कि हमारी मांगे को सरकार सुने और उसे पूरी करें।

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